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सोमवार, 25 अक्टूबर 2010

.ईमानदार और मजबूत इरादों वाले हैं- डॉ. योगेन्द्र

लोकतंत्र भीडतंत्र में तब्दील हो गया है, राजनीती चंद दलालों के हाथों की कठपुतली बनकर रह गयी है . कुछ लोग इसे गन्दा खेल मानते हैं..शरीफ लोग इससे परहेज करते हैं..विसंगतियों के इस दौर में कोई  ईमानदार व्यक्ति यदि परिवर्तन की बागडोर सम्हालने सामने आये तो हमें उनके साथ तानकर खड़ा  होना  पड़ेगा ..ईमानदार और मजबूत इरादों वाले हैं- डॉ. योगेन्द्र आइये इनका खुलकर साथ दें ..मलक के चुनाव में कोशी विधानपरिषद चुनाव में खड़े हैं.. आइये हम इनका संबल बने और परिवर्तन की बागडोर इनको सौपें ...